शुकुलबाजार में हरे पेड़ों की बेखौफ कटाई, महकमा नहीं कर रहा कारवाई

शुकुलबाजार में हरे पेड़ों की बेखौफ कटाई, महकमा नहीं कर रहा कारवाई



अमेठी से दिनेश तिवारी


शुकुलबाजार, अमेठी  पर्यावरण की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाले हरे भरे पेड़ पौधे तमाम कवायदों के बाद भी दिन प्रतिदिन कम होते जा रहे हैं। कारण, पुलिस व वन विभाग का गठजोड़ हावी है। विभागीय उदासीनता का परिणाम कि हरे पेड़ों की बेखौफ कटाई की जा रही है। जितने पेड़ कट रहे, उसकी तुलना में पौधारोपण व पेड़ों का संरक्षण नहीं हो रहा।

ताजा मामला थाना क्षेत्र  के महोना पश्चिम गांव का है।यहां वन माफियाओं ने वर्षों पुराने आम के पेड़ को काट दिया।
गौरतलब हो कि: थाना क्षेत्र में इन दिनो प्रतिबंधित हरे पेड़ों की कटान जोरों से चल रही है। हरे पेड़ों की कटान के लिए भले ही नियम कानून बनाये गये है परन्तु स्थानीय पुलिस व वन विभाग की मिलीभगत से हरे वृक्षो की कटान लगातार जारी है।
क्षेत्र के पाली, बखरा पूरब, उरेरमऊ, महोना पश्चिम, बाबा का पुरवा गांव जैनबगंज ,टेवसी ,किसनी आदि गांवों में आम के पेड़ बिना परमिट के काटे जा रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों द्वारा हरे वृक्षो की कटान की शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मौन हैं। लकडी माफियाओ द्वारा अलग अलग स्थानों पर लकड़ी टाल पर एकत्र कर उसे ट्रको पर लादकर क्षेत्र से विभिन्न स्थानों पर भेजा जा रहा है। प्रतिबंधित लकड़ी से लदे ट्रकों को स्थानीय थानों के अलावा रास्ते में पडने वाले किसी भी थानों पर लेनदेन के चक्कर में नही रोका जाता।वहीं, क्षेत्र में हो रही हरे वृक्षों की कटान के लिए वन विभाग को पुलिस जिम्मेदार ठहराती है। वहीं, वन विभाग हमेशा स्टाफ व संसाधनों का रोना रोता है।
 इस बावत वन दरोगा राम दुलारे मिश्र से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि जांच करायी जा रही है। हरे वृक्षो की कटान करता कोई वन माफिया पाया जाता है तो उसके ख़िलाफ कानूनी कार्यवायी की जाएगी।
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