जिला संवाददाता फारूक क़ुरैशी
शाहाबाद सोमवार को एसडीएम कपिलदेव सिंह ने तहसील परिसर में बनी मुंसिफ कोर्ट की जमीन पर वर्षों से किये गए अवैध कब्जे को हटवाया गया। कार्यवाही में अधिवक्ताओं,दस्तावेज नवीसों के टीन शेड,होटल और एक मकान को भी जेसीबी मशीन से ढहा दिया गया। एसडीएम की इस कार्यवाही का अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने जमकर विरोध किया।
मुंसिफ कोर्ट की जमीन के आसपास भारी संख्या में पुलिस द्वारा खड़े किये गए वाहनों के कारण कोर्ट बजूद में ही नहीं दिखती है।मुंसिफ कोर्ट के बिल्कुल करीब रजिस्ट्री दफ्तर होने के कारण तमाम दस्तावेज लेखकों,अधिवक्ताओं ने यहां पर अनाधिकृत रूप से कब्जा किया हुआ था।जिसे एसडीएम कपिलदेव सिंह ने सोमवार को जेसीबी मशीन से गिरवा दिया है।इसके अलावा दशकों से यहाँ पर कब्जा जमाये चाय की दुकानों,होटलों को भी जमींदोज कर दिया गया।एसडीएम ने मुंसिफ कोर्ट की जमीन पर किये गये अवैध निर्माण को भी जमीदोज करा दिया। देर शाम तक चली उक्त कार्यवाही से तहसील और कोतवाली के निकट अफरा तफरी का माहौल रहा।तहसील के तमाम अधिवक्ता और दस्तावेज नवीस और नेता एसडीएम के जबरदस्ती अतिक्रमण हटाओ अभियान को देख हतप्रभ रह गए।क्योंकि दशकों पूर्व से उक्त सभी लोग यहां पर खोखा,अस्थायी दुकानें,टीन शेड, छप्पर आदि बनाकर अपनी रोजी रोटी चला रहे थे।अतिक्रमण के दौरान एसडीएम ने कहा कि मुंसिफ कोर्ट की जमीन पर किसी को कब्जा नही करने दिया जाएगा।न्यायिक आदेश के तहत उक्त प्रक्रिया अपनाकर अवैध निर्माण या अवैध तरीके से किये गए कब्जों को हटवाया गया।
