माँ तेरी चरणों में,मेरा जीवन संसार
तेरी ही आँचल में मुझे मिलता है प्यार
तेरे लिए हँसू मैं,तेरे लिए रोउँ
तू कहे तो जागूं मैं,तु कहे तो सोउँ
आता है मजा सुनके ,तेरी डाॅट फटकार
माँ तेरी चरणों में मेरा जीवन संसार
स्वयं गीले में सोकर ,मुझे सुखे में सुलायी
मेरी खुशी के खातिर मां तू है आँसू बहायी
भूखे पेट सोकर भी मुझे दूध पिलायी
मेरी नींद के खातिर माँ तू लोरी है सुनायी
छोड़ जायेगी जिस दिन मुझे मैं हो जाउँगा बेकार
माँ तेरी चरणों में, मेरा जीवन संसार
रचना -संजय चौहान गुडेली
