खानकाहे जाहूरिया मोहल्ला मैदान पूरा में एक महफ़िल क् हुआ आगाज लूटी वाह वाही


जिला संवाददाता फारूक क़ुरैशी

बिलग्राम हरदोई के खानकाहे जाहूरिया मोहल्ला मैदान पूरा में नातेपाक व मुशायरा का आयोजन किया गया जिसमें दूर दूर से मेहमानों ने कलाम पढ़ वाह वाही लूटी जिसमे मुईद रहबर लखनवी की बिल ग्राम आमद पर मोहल्ला मैदानपुरा में मो अश्फाक के दौलतखाने पर एक शेेअरी महफिल मुक्किद की गई जिसकी सदारत कर्रार हैदर बिस्मिल बिलग्रामी ने की और निज़ामत के फराइज़ असग़र बिलग्रामी ने अन्जाम दिये ।महफिल का आगाज़ अहमद बिलग्रामी ने नाते पाक से किया खाकी बिलग्रामी ने आरिफाना कलाम पेश किया जिसके बाद ग़ज़ल का दौर शुरू हुआ। मुईद रहबर ने पढ़ा दिखता नहीं है कोई भी इन्सान दूर तक ए जज़बए जुनूं तु किघर लेके आ गया असग़र बिलग्रामी ने पढ़ा पेश की उसने अदालत में जो तहरीर ग़लत ।सामने आई उभर कर मेरे तस्वीर ग़लत।खाकी बिलग्रामी ने पढ़ा दावए इश्क ओ मोहब्बत न कर बैठे कोई ।इस लिए इस रास्ते में पेच ओ खम रखा गया।आशिक उन्नावी ने पढ़ा हम पे लाज़िम है बवक्ते शादमानी एहतियात जिस मे हो रोना किसी का वह खुशी अच्छी नही बिस्मिल बिलग्रामी ने पढ़ा निगाहे नाज़ मे आशिक का इकतदार रहे करार आए न आए मगर करार रहे इस मौके पर डॉ अली मोजिज़ रिज़वी, अफसर मियां जहूरी, हाफिज़ अलीशान, शादाब आलम, मोनिस खान, तौफीक आदि मौजूद रहे साहिबे खाना मो.अशफाक ने शोअरा और शुरका का शुक्रिया अदा किया ।

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