पहली बारिश के बाद खेत में बोई गई थी मक्का की फसल बारिश ना होने से मायूस हुए किसान
युवा गौरव संवाददाता
हरदोई बिलग्राम : भीषण गर्मी से जहां जनमानस परेशान हैं, वहीं बारिश न होने से किसानों के चेहरे पर ¨चता की लकीरें गहरी होती जा रही हैं। जैसे-जैसे दिन बढ़ते जा रहे हैं, मौसम का मिजाज देख किसान मायूस होते जा रहे हैं। इंद्र देवता की मेहरबानी न होने से धान मक्का व गन्ने की खेती पर असर पड़ रहा है। चाह कर भी किसान धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं।इधर दो सप्ताह से मौसम का तेवर बहुत तल्ख है। कभी-कभी बादलों की लुकाछुपी चलती है, जिसको देख किसान उम्मीद पाल बैठते हैं कि शायद अब बरसात हो जाए, परंतु अभी तक इनकी उम्मीदें पूरी नहीं हो सकी हैं। जैसे-तैसे धान के बीच बो दिए हैं, अब उनको बचाए रखने में पसीने छूट रहे हैं। निजी संसाधन से पानी के जरिए इन्हें बचाया जा रहा है, जहां अतिरिक्त धन खर्च हो रहा है। किसानों में हरीराम ने कहा कि 30 जून का दिन भी खत्म हो रहा है, अभी तक बारिश नहीं हो सकी है।वही किसानों ने कहा कि गरीब किसानों को खाद, बीज, जुताई वैसे बड़ी मशक्कत से करनी पड़ रही है, अब ¨सचाई के लिए भी मंहगे संसाधन का सहारा लेना पड़ता है। मीर मुहम्मद, राजा आदि ने कहा कि संपन्न किसान तो निजी संसाधन से पानी की कमी को पूरी कर दे रहे हैं, परंतु मध्यम वर्गीय एवं गरीब किसान जिन का सहारा सिर्फ मानसून ही रहता है, वे बेचारे क्या हैं। अब तो सिर्फ यही देखना है कि इंद्र देवता कब तक परीक्षा ले रहे हैं। बारिश हो जाती है
