नाम मात्र खदान के सहारे मां शारदा मिनरल्स निकाल रहा है अवैध रॉयल्टी पर्ची

नाम मात्र खदान के सहारे मां शारदा मिनरल्स निकाल रहा है अवैध रॉयल्टी पर्ची



शासन की आँखों में धूल-झोंककर लगा रहा है लाखों रुपये की चुना

यहाँ का खदान केवल नाम मात्र

पर्यावरण विभाग की उड़ा रहा है धज्जियाँ

इनकी ओवरलोड गाड़ियाँ हो रही परिवहन


सारंगढ़ अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत गुडेली में मां शारदा मिनरल्स के नाम से अवैध तरीके से खदान चला रहा है ।इनको न  माइनिंग विभाग का डर है और ना ही शासन-प्रशासन की खौप । वही मां शारदा क्रेशर में अगर माइनिंग विभाग जाकर देखें तो यहां हजारों टन पत्थर डंप मिलेंगे । इनकी लीज खदान की बात करें तो छोटा सा ही गढ्ढा करके रखा है और इतनी पत्थर कहां से आया ? यह तो अब माइनिंग विभाग जांच करेगा तभी पता चल पाएगा कि क्या झोल है या इस क्रेशर को अभय दान दे दिया जाता है यह तो देखने वाली बात होगी ।


नाम मात्र का है लीज खदान और अधिकारी इनको कैसे रॉयल्टी निकाल कर दे दे रहे हैं , क्या यहां लेन-देन का खुला खेल चल रहा है यह तो आगे  जांच का ही विषय है । इनके पास जितना पत्थर डंप है उसको अगर इनके खदान में पाट दे तो पत्थर ज्यादा हो जाएंगे । क्रेशर में भारी मात्रा में गिट्टी भी भरकर रखे हुए हैं ।

वही रायगढ़ के माइनिंग अधिकारियों की मनमानी चल रही है । अगर आपको रॉयल्टी निकालना हो तो मौके पर जांच  अधिकारी आकर लीज खदान और क्रेशर का निरीक्षण करते हैं उसके बाद वह क्रेशर वाले को रॉयल्टी प्रदान करते हैं लेकिन साहब तो वहां ऑफिस में  बैठकर ही निरीक्षण कर दे रहे हैं और रॉयल्टी प्रदान किया जा रहा  है।  यह कैसा खेल चल रहा है रायगढ़  माईनिंग में।



गाड़ियों को ओवरलोड भर भरकर ले जा रहे हैं और शासन को लगा रहे हैं चुना । नाम मात्र का रॉयल्टी और ओवरलोड माल लेकर जा रहा है माँ शारदा मिनरल्स का गाड़ियां , ना  इनको माइनिंग विभाग का डर ना ही आरटीओ विभाग का डर है , गाड़ियां ओवर लोड लेकर जा रहा है और शासन को लाखों करोड़ों रुपए का चूना लगा रहा है ।
ऐसे क्रेशर के ऊपर सख्त से सख्त कार्यवाही होनी चाहिए । ऐसे जो बिना खदान के रॉयल्टी निकाल कर शासन को चूना लगाने में लगे हुए हैं । इन पर क्यों कारवाही नहीं कर रही है माइनिंग विभाग ? इनके ऊपर कई धाराओं में कार्यवाही होना चाहिए क्योंकि यह तो लीज खदान थोड़ा सा ही खोद के रखे हैं बाकी अवैध तरीके से रॉयल्टी निकालकर मार्केट में बेच कर शासन को लाखों रुपए का चूना लगाया जा रहा है । लाखों रुपए तो कम ही हो जा रहा है शायद करोड़ों रुपए में होगा इनका जो रॉयल्टी निकला होगा । अब तो आगे माइनिंग विभाग का जांच का विषय है आगे जांच करेंगे तो पता चलेगा कि माँ शारदा मिनरल्स में कितना झोलझाल है ।
मां शारदा मिनरल्स गुडेली पर्यावरण विभाग का धज्जियां उड़ाते हुए क्रेशर संचालित कर रहा है ।  वही प्रभु पर्यावरण विभाग की बात करें तो इनके कई सारे नियम और कायदे हैं लेकिन यह तो पर्यावरण विभाग को अपनी जेब में रखकर काम कर रहे हैं और पर्यावरण विभाग मुख दर्शन बंन कर देख रही है , लग रहा है कि पर्यावरण विभाग को मोटा लिफाफा देकर सांठगांठ में लेकर यह अपनी क्रेशर को संचालित कर रहा है ।
माइनिंग विभाग इधर भी तो ध्यान दीजिए । आप के राज में रायगढ़ जिले के गुडेली में मां शारदा मिनरल्स कैसा खेल चल रहा है साहब जरा इधर भी गौर कीजिए। खदान है छोटा सा गड्ढा और रखा है अवैध तरीके से हजारों ट्रिप पत्थर डंप । कम से कम माइनिंग विभाग यहां जांच तो कर लें ।  प्रदूषण विभाग की तरह घोड़े तान के सोने का काम तो मत कीजिए, इधर भी गौर फरमाइए ।

वही क्रमशः हम हर एक क्रेशर  व लीज का पत्ता साफ करेंगे जो अवैध तरीके से चला कर शासन को चुना लगा रहे हैं क्रम से क्रम हम उनकी खबर प्रकाशित जरूर करेंगे 

क्या कहते हैं खनिज अधिकारी ए बारीक -

जब हमारे संवाददाता ने खनिज अधिकारी ए बारीक से दूरभाष के माध्यम से संपर्क साधा तो उन्होंने बताया कि आपके द्वारा हमें जानकारी मिली है अगर वह अवैध तरीके से पत्थर और गिट्टी डंप करके रखा है या वैध तरीके से रखा है इसकी हम जांच करवाएंगे और अगर नियम के विरुद्ध पाया जाएगा तो कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी , हो सके तो उनका लीज भी रद्द किया जाएगा और कार्यवाही की जाएगी

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