पुलिस स्मृति दिवस पर श्रीवास , साहू को किया गया याद

पुलिस स्मृति दिवस पर श्रीवास , साहू को किया गया याद



सारंगढ़ । स्थानीय नगर के अनुविभागीय अधिकारी पुलिस प्रभात पटेल और संवेदनशील थानेदार अमित शुक्ला द्वारा शासकीय लोचन प्रसाद पांडे महाविद्यालय में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस समारोह में सम्मिलित हुए और अमर सेनानी वीर सिंह श्रीवास , राजकुमार साहू को श्रद्धांजलि सुमन अर्पित किए । खाकी के भीतर धड़कती सांसों से ही हमारी जान में जान है  । इस बात को अभिव्यक्त करते हुए थानेदार अमित शुक्ला ने कहा कि - हम भूल जाते हैं की यें लोग कितना कठिन काम करते हैं, आज के दिन हमें उनकी सेवा को उस नजरिए से देखने की जरूरत है कि - हमारी पुलिस आम लोगों की जान-माल की रक्षा करने में अपनी जिंदगी से किस तरह से समझौता कर लेते हैं , और वक्त बेवक्त अपनी जिंदगी न्यौछावर करने से भी नहीं चूकते । ऐसे ही हमारे अमर शहीद वीर सेनानी वीर सिंह श्रीवास और राजकुमार साहू को हम श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं । 

श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए एसडीओपी प्रभात पटेल ने कहा कि - हमारे ये सेनानी बगैर उफ्फ किए सीलन भरी जमीनों और मिट्टी के दीवालों से घिरे खंडहर नुमा खपरैल मकानों में आरक्षक , हेड कांस्टेबल अभी भी अपने बीवी , बच्चों के साथ गुजर-बसर करते देखे जा सकते हैं ,और वक्त के घड़ी में 24 घंटा सातों दिन पूरी तरह से समर्पित. भाव से लोक सेवा के जज्बों की तारीफ हासिल किए जाने का हक पुलिस वालों को भी देना चाहिए । बेहद ही सीमित साधनों , संसाधनों की टीस से भरें होने के बावजूद इनकी कार्य गुणवत्ता का बखान भी किया जाना चाहिए । हमारे वीर शहीद वीर सिंह श्रीवास निवासी कपीस्दा 20 अप्रैल 2004 को ड्यूटी के दरमियान नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुए । मैं वीर सिंह श्रीवास को शत शत नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं । 

पंडित लोचन प्रसाद पांडे महाविद्यालय में प्राचार्य डीआर लहरे ने भी शहीद श्रीवास को श्रद्धा सुमन अर्पित किए । अमर सेनानी वीर सिंह श्रीवास एवं राजकुमार साहू के तैल चित्र पर एसडीओपी पटेल , थानेदार शुक्ला एवं प्राचार्य लहरे द्वारा दीप प्रज्वलित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए । 1 मिनट का मौन धारण किया गया । इस कार्यक्रम के उपरांत अनुविभागीय अधिकारी पुलिस प्रभात पटेल , थानेदार अमित शुक्ला अमर शहीद वीर सिंह श्रीवास के निवास स्थान कपिस्दा गए । जहां बीच चौक पर उनकी लगी मूर्ति पर पुष्पमाला अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दिए । यहां ग्रामीण जन , कोटवार और श्याम , जयराम साहू के साथ ही साथ अन्य आरक्षक उपस्थित रहे । थानेदार शुक्ला ने कहा कि - मौत चाहे रंग बदले , ढंग बदले , तर्ज बदले , जब तलक जिंदा कलम है , वीर सिंह तुम्हें मरने ना देंगे ।

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