बिलग्राम में काव्य गोष्ठी का हुआ आयोजन वाह वाह पर बजी तालियां



स्थानीय कवियों और शायरों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का दिल जीत लिया
बिलग्राम हरदोई। । बिलग्राम में साहित्य और संस्कृति की महक बिखेरती एक यादगार काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें स्थानीय कवियों और शायरों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का दिल जीत लिया। यह गोष्ठी नगर के प्रख्यात शायर अली शफी हुजूर बिलग्रामी के आवास पर आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता डॉ. कपिल देव त्रिपाठी ने की और संचालन असगर बिलग्रामी ने बखूबी निभाया।
गोष्ठी का आगाज असगर बिलग्रामी ने नबी की स्तुति से किया, जिसने माहौल को आध्यात्मिक रंग दिया। इसके बाद कमर बिलग्रामी ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। कवयित्री स्वाती कुशवाहा ने प्रेम और संवेदना से भरी कविता सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर किया। डॉ. जहीर बिलग्रामी और इमरान बिलग्रामी ने अपनी गजलों से समां बांधा, तो नगर के वरिष्ठ शायर अली शफी हुजूर बिलग्रामी, कर्रार हैदर बिस्मिल बिलग्रामी, पूर्व अध्यापक राम नारायण शुक्ला और जय नारायण अवस्थी ने अपनी रचनाओं से साहित्यिक माहौल को और गाढ़ा किया।
अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. कपिल देव त्रिपाठी ने बिलग्राम के साहित्यिक इतिहास और इसके कवियों की गौरवशाली परंपरा पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवा कवियों की नई पीढ़ी को साहित्य साधना के लिए शुभकामनाएं दीं। साथ ही, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उन्होंने कविता और योग के बीच एक सुंदर समानता रेखांकित की। उन्होंने कहा, "जैसे कविता सुनने से मन को शांति मिलती है, वैसे ही योग से शरीर स्वस्थ रहता है। इसलिए सभी को नियमित योग अपनाना चाहिए।"
यह काव्य गोष्ठी न केवल साहित्य प्रेमियों के लिए एक सुखद अनुभव थी, बल्कि बिलग्राम की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने का एक प्रेरणादायक प्रयास भी साबित हुई।

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