जिला संवाददाता फारूक क़ुरैशी
बघौली/हरदोई तुम्हारी फाइलों मे गांव का मौसम गुलाबी है, मगर ये आंकड़े झूठे ये दावा किताबी है" मशहूर शायर अदब गोंडवी की उक्त पक्तियां सरकार गड्ढा मुक्त दावो की सही तस्वीर प्रस्तुत कर रही हैं। कहते है सड़कें गांवों के विकास की जीवन रेखा हैं। लेकिन बघौली कस्बे से गुजरने वाली सड़क की हालत चार सालों से इस कदर बदतर है कि इस पर पैदल चलना तक मुश्किल है। प्रदेश सरकार के गड्ढा मुक्त सड़क का सपना दिखाने के दावे को झुठलाने के लिए इस सड़क की वर्तमान स्थिति काफी। सड़क में इतने गड्ढे हो चुके है जिस पर हल्की सी बरसात होने पर जल भराव हो जाता है।और सड़क तलैया में तब्दील हो जाती है। जिससे बघौली कस्बे से जुड़े ग्रामीण व व्यापारियों का काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
सीएम पोर्टल से लेकर जनप्रतिनिधियों तक कस्बे के व्यापारियों व ग्रामीणों ने गुहार लगाई लेकिन, सड़क के दिन नहीं बहुरे। इससे नाराज बघौली कस्बे के व्यापारी व सड़क से जुड़े आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने सोमवार को बारिश से जलमग्न हुई सड़क पर धान की रोपाई कर प्रदर्शन किया। लोगों ने कहा कि गड्ढों में तब्दील सड़क नहीं बननी तो धान की रोपाई ही हो। और गड्ढा मुक्त सड़क का सपना दिखाने वाली सरकार को एक बार फिर कुम्भकर्णीय नींद से जगाने की कोशिश जाये।
