शिकायतकर्ता का आरोप निस्तारण आख्या में अधिकारी कर रहे लीपापोती
हरदोई। बिलग्राम विकास खंड के ग्राम गुरौली के निवासी जयपाल, पुत्र गोकरन ने ग्राम प्रधान कुसुमा देवी पर विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने अपने शिकायती पत्र में बताया कि ग्राम पंचायत को राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त से प्राप्त धनराशि का दुरुपयोग किया गया है।
#आरोपों का विवरण:
पंचायत घर/बारात घर में अनियमितता: पंचायत घर और बारात घर के लिए कंप्यूटर और इनवर्टर की खरीद केवल कागजों पर दिखाई गई, जबकि वास्तव में कोई खरीद नहीं हुई और धनराशि हड़प ली गई।
#प्राइमरी स्कूलों में मरम्मत के नाम पर धन का दुरुपयोग#
ग्राम पंचायत के दो प्राइमरी स्कूलों, गुरौली और पुसेड़ा, में मरम्मत और शौचालय निर्माण के लिए निकाले गए धन का कोई कार्य नहीं हुआ।
#सफाई कर्मियों को सुविधाओं का अभाव:
पंचायत में सफाई कर्मियों को ठेलिया उपलब्ध नहीं कराई गई।
#मनरेगा योजना में अनियमितता:
वर्ष 2021-22 से 2024 तक मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में भी बड़े पैमाने पर धन हड़पने का आरोप है। मिट्टी के कार्यों, जैसे नाली निर्माण, ककरा पुलिया, और खुदैला तालाब तक की मिट्टी को बराबर कर फर्जी भुगतान लिया गया। इसके अलावा, नवनिर्मित सार्वजनिक शौचालय आधा-अधूरा पड़ा है, जिसका भुगतान पहले ही प्राप्त कर लिया गया।
#पहले की शिकायत पर कार्रवाई नहीं:
जयपाल ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में पहले भी संदर्भ संख्या 40015525036747 के माध्यम से शिकायत दर्ज की थी, लेकिन जांचकर्ता ने शिकायतकर्ता से बिना मिले फर्जी रिपोर्ट लगाकर शिकायत का निस्तारण कर दिया।
जयपाल ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ग्राम प्रधान द्वारा कराए गए सभी विकास कार्यों की भौतिक जांच के लिए एक स्वतंत्र टीम गठित की जाए और सरकारी धन की रिकवरी के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई की जाए।यह मामला ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठाता है। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री को पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर इस मामले में उच्च स्तरीय जांच कर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।।