जिला संवाददाता फारूक क़ुरैशी
हरदोईजनपद के जिला मुख्यालय पर बीएस 4 द्वारा आरक्षण समर्थक पैदल मार्च निकाला गया पैदल मार्च में अधिवक्ता गण बुद्धिजीवियों व समाजसेवियों सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता सम्मिलित हुए उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री आरके चौधरी ने पैदल मार्च का नेतृत्व किया एवं उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि दलितों और पिछड़े वर्ग के आरक्षण के मुकदमे में भाजपा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में गलत व घटिया दलील पेश की है।इसी क्रम में सुप्रीम कोर्ट ने 7 फरवरी व 11 जून 2020 को दुर्भाग्यपूर्ण फैसला दे दिया था सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आरक्षण कोई मौलिक अधिकार नहीं है।सरकार आरक्षण देने के लिए बाध्य नहीं है।इसके साथ कहा कि भगवा सरकार दलित व पिछड़े वर्ग के आरक्षण को बर्दाश्त नहीं कर पा रही है।वर्तमान सरकार ने दलित छात्रों की फीस प्रतिपूर्ति राशि देना बंद कर दिया है। सरकार संविधान की मूल भावना के अनुरूप काम नहीं कर रही है। बल्कि मनुस्मृति को अपना संविधान मानकर काम कर रही है। इसके साथ आगे आर के चौधरी ने कहा कि जिस दौर में बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर संविधान की रचना में व्यस्त थे उस दौर में आर एस एस और उसके मुखिया एमएस गोलवलकर बाबासाहेब के विचारों की निंदा मनुस्मृति के प्रचार प्रसार में जुटे थे इससे बाबासाहेब दुखी थे। इसके साथ ही संविधान सभा में बोलते हुए उनको कहना पड़ा कि संविधान चाहे कितना ही अच्छा क्यों ना हो यदि उसे लागू करने वाले अच्छे नहीं होंगे तो अच्छा संविधान भी बुरा हो जाएगा और यदि लागू करने वाले अच्छे लोग होंगे तो संविधान भी अच्छा होगा आज भारत में आर एस एस व भाजपा की सरकार है।संविधान को लागू करना अथवा ना करना भाजपा सरकार के आचरण पर निर्भर है। सरकार 8 लाख रुपये तक सालाना आय वाले उच्च वर्ग के गरीबी का प्रमाण पत्र देकर उसे 10% आरक्षण दे रही है।
भाजपा सरकार देश की धरती को धड़ल्ले से पूंजी पतियों के हाथ बेचने पर तुली हुई है विवश होकर बीएस-4 भारतीय संविधान संरक्षण संघर्ष समिति द्वारा एक जन आंदोलन शुरू किया गया। इसके साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा गया है।इस मौके पर सत्येंद्र रावत हीरालाल वर्मा शिव शंकर मुंशी राम वर्मा अवधेश वर्मा शिव प्रसाद वर्मा, मंजू लता मित्रा के साथ साथ सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
