पत्रकारों पर लिखे गए फर्जी मुकदमे में के संबंध में प्रधानमंत्री को जिलाधिकारी के द्वारा भेजा गया ज्ञापन

प्रश्नपत्र लीक मामले में पुलिस अधीक्षक जिलाधिकारी की संलिप्तता शक के घेरे में-मण्डल उपाध्यक्ष ख़ालिद खान
संवाददाता फारूक क़ुरैशी

हरदोई/लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा जाने वाला मीडिया आज खतरे से खाली नहीं है।आये दिन पत्रकारों के साथ घटना घटित हो रहीं हैं।पत्रकार अपनी कलम की ताकत से सच्चाई लिखता है तो उसे खामोश करने की कोशिश की जाती है।और उसे दबाने का प्रयाश किया जा रहा है।सच्चाई लिख के पर पत्रकारों को खेल भेज दिया जा रहा है।अगर सच मे पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है तो हम सब पत्रकारों का अधिकार सुरक्षित किया जाये।इसके लिए केंद्र सरकार को पत्रकार सुरक्षा कानून बिल पारित करने चाहिए।उत्तरपदेश में 1सप्ताह में तीन स्थानों पर पत्रकारों पर एफ आई आर दर्ज की गई है। बीते दिनों बलिया में इंटरमीडिएट का प्रश्न पत्र लीक हुआ था। जिसकी खबर पत्रकारों ने प्रमुखता से दिखाई थी।तो पत्रकारों पर मुकदमा लिखकर जेल भेज दिया गया।मिर्जापुर में मिड डे मील में बच्चों को नमक रोटी खिलाने कि ख़बर चलाने पर पत्रकार के खिलाफ मुकदमा लिख दिया गया,अगराके पत्रकार के खिलाफ मुकदमा लिख कर जेल भेज दिया गया।केंद्र सरकार इन मामलों को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए आवश्यक कार्यवाही कराए।जिससे हमारे पत्रकार साथी अपने परिवार ले साथ सुरक्षित रहते हुए जनता की आवाज शासन से प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य कर सकें।प्रदेश सरकार से भी कहना है कि पत्रकारों के लिए अविलम्ब पत्रकार सुरक्षा कानून बिल पारित कराने का कार्य करे। बलिया प्रकरण के संबंध में डी आईओ एस और जिलाधिकारी ने पत्रकारों से प्रश्न पत्र की खबर और प्रश्न पत्र को अपने व्हाट्सएप पर मंगवाया था। जिसे अमित ओझा पत्रकार ने 9:30 पर जिलाधिकारी के व्हाट्सएप पर खबर को प्रेषित किया था। जिससे गुस्साए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक बलिया ने मिलकर तीन पत्रकारों पर फर्जी मुकदमा लिख कर जेल भेज दिया गया। इस संबंध में पत्रकार एकता संघ ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी के द्वारा भेजा गया है। ज्ञापन में मांग की है कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्यवाही की जाए। चाहे पुलिस अधीक्षक जिलाधिकारी हो या अन्य माफिया निष्पक्ष जांच कराकर पत्रकारों को तत्काल जेल से रिहा किया जाए। साथ ही दोषियों को जेल भेजा जाए। पत्रकारों को जेल जाने से पत्रकार एकता संगठन में तथा पत्रकारों में रोष व्याप्त है।अगर न्याय ना मिला तो सभी संगठन एकजुट होकर पूरे देश धरना प्रदर्शन करेंगे जिसका जिम्मेदार शासन और प्रशासन होगा। सिटी मजिस्ट्रेट हरदोई ने संगठन को आश्वासन दिया है तत्काल ज्ञापन प्रधानमंत्री को भेजा जा रहा है। संगठन प्रधानमंत्री से आशा करता है कि पीड़ित पत्रकारों को जल्दी न्याय देंगे। साथ ही संगठन ने मांग की है कि सूचीबद्ध पत्रकारों को 30 लाख का बीमा उनके बच्चों को उच्च निशुल्क शिक्षा, टोल टैक्स, रोडवेज बस,का किराया माफ किया जाए। इस मौके पर ख़ालिद खाँ मण्डल उपाध्यक्ष, भानू प्रताप सिंह जिलाध्यक्ष, श्रीकांत मिश्रा कार्यवाहक जिलाध्यक्ष, दीपक रस्तोगी जिला मंत्री,रामसागर गुप्ता,राहुल कुमार,रजनीश संखबार,सन्दीप त्रिवेदी,दिलरजा,सुमित गुप्ता, विशाल गुप्ता,अमित त्रिपाठी,कमलेश कुमार,आलोक कुमार सहित कई पत्रकार साथी मौजूद रहे।

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